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संक्षिप्त में जानें डॉ॰ मनोज कुमार के बारे में
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Dr MANOJ KUMAR Founder-Counselling and Psychotherapy center, patna(Dr Manoj Kumar) Experience-13 years and more plus in Mental health wellbeing Previous Award :"दिव्यांगजनों के जीवन में सुधार हेतु सर्वोत्तम अनुप्रयुक्त अनुसंधान/नवप्रवर्तन/उत्पाद विकास "श्रेणी अन्तर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु राज्य स्तरीय सम्मान 2020 द्वारा समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार । Award-Mental Health professional ,Disability Department, Government of Bihar Hind chakra Award and more plus Designation:Clinical psychologist, child home,patna,Social welfare department, Government of Bihar Authorized consultant Psychologist, Air force, Bihata,Ministry of defence, Government of India Member-District Inspection Comitee,Patna (DCPU/Administration PATNA) As Mental Health Expert Member-District Advisory Council, Patna(DCPC/समाहारणालय,पटना)As Mental Health Expert Email- Address:dr.manojpat@rediffmail.com City:patna State:Bihar Mobile No. :9835498113 . Alternate No. :8298929114 - Resources per...
देवतुल्य पिताजी के अमर आत्मा के प्रकाश पुंज से प्रज्वलित मेरा उदीयमान मन।-डा.मनोज कुमार
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"न जायते म्रियते वा कदाचिन् नायं भूत्वा भविता वा न भूयः। अजो नित्यः शाश्वतोअ्यं पुराणों न हन्यते हन्यमाने शरीर ।।" हे पिता आप ईश्वर के रुप में साक्षात् मेरे जीवन को तराशते रहें।कर्म के लिए तैयार भी किया।आपकी आत्मा को श्रीहरि विष्णु अपने चरणों में स्थान दें।भगवान रूपी ऊर्जा से परिपूर्ण आपने हमेशा मेरे चित्त को संवारा। जीवन को समझने और लोगों की मदद के लिए योग्य बनाया।आपकी आत्मा को पहचानने में भूल हुयी हो तो क्षमा किया जायेगा।आपकी आत्मा किसी काल में न जन्मी है और नाहिं आपकी आत्मा की मृत्यु हुयी है। वह तो अजन्मा ,नित्य ,शाश्वत तथा पुरातन है। आपका शरीर भले ही इस नश्वर संसार में नही है। आपकी भौतिक आवाज को आज भले नही सुन रहा परंतु आपकी कृति विद्यमान है। आपकी सीख सदैव मेरे साथ है। आपके शरीर ने जन्म लिया इसलिए आपने शरीर का त्याग किया। आपकी आत्मा इतने वर्षों तक जिस शरीर में निवास कर रही थी। उस शरीर से उत्पन्न भौतिक शरीर में मेरे प्राण हैं। सच में मेरी आत्मा आपकी अनुपस्थिति में पूर्व में आपके द्वारा बटोरो स्नेह और अनुभव को महसूस कर सकता है।पूजनीय पिताजी आप ज्ञान और चेतना से सदैव पूर्ण ...
डॉ॰ मनोज कुमार, मनोवैज्ञानिक, पटना संक्षिप्त परिचय ।
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Dr Manoj Kumar Founder/Director-counselling and psychotherapy center, patna Previous Award :"दिव्यांगजनों के जीवन में सुधार हेतु सर्वोत्तम अनुप्रयुक्त अनुसंधान/नवप्रवर्तन/उत्पाद विकास "श्रेणी अन्तर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु राज्य स्तरीय सम्मान 2020 द्वारा समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार । Designation:Clinical psychologist, child home,patna,Social welfare department, Government of Bihar Email- Address:dr.manojpat@rediffmail.com City:patna State:Bihar Mobile No. :9835498113 . Alternate No. :8298929114 मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, सदस्य जिला सलाहकार समिति, समाहारणालय,पटना। जिला निरीक्षण सीमिति(जि.बा.सं.ई),जिला प्रशासन, पटना, बिहार । As State Co-ordinater, Psycho-Social support in Bihar ( pandemic covid-2019) More than two thouesends children with special need and others mental health issues was Helped (this project was free and sponsored by UNICEF, Bihar and Government of Bihar) -Book writer and columnist (All media) -Life time member CCI,India Address-L.C.T Ghat,Lane-3,ma...
जानिए कैसे बनेगें ऑफिस में आइडियल पर्सनैलिटी ।
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प्रोफेशनल लाईफ मैनेजमेंट:जानें चित्त की परख के गुर। ---------------------------- कार्यस्थल पर होनेवाले तनाव से बच व्यक्तिगत जीवन को दें नया आयाम। ---------------------------------- स्नेहा आज फिर परेशान होकर ऑफिस के एक कोने में अपने सहकर्मियों को कोस रही थी। उनको यह महसूस होता था कि लोग उनके काम करने और स्पष्टवादी सोच से जलन रखते हैं। पुरूष सहकर्मी उनके लिए दिखावे का प्यार मगर असल में अपनी ताकत और रूआब से छल रहे हैं। इससे पहले वह पटना में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करती थी। वहाँ काम का समय निर्धारित नही था इसलिए घर और बच्चों पर वह ध्यान नही दे पा रही।पब्लिकेशन कंपनी के इस दफ्तर में भी स्नेहा असुरक्षित ही महसूस कर रही थी।सहकर्मियो का बर्ताव से स्नेहा का सरल स्वभाव गुस्से और अक्रामक स्वभाव की वजह से पति के साथ सदैव उनदोनो का अनबन हो रहा था। ऑफिस से घर आकर स्नेहा का शरीर जवाब दे देता था।मस्तिष्क ऐसा लगता था की किसी ने निचोङ कर रख दिया हो।वह मन ही मन डरने भी लगी थी। वह लाख चाहने के बावज़ूद ऑफिस के महौल में नही ढल पा रही थी।इस मुद्दे पर वह अपने कार्यालय के बौस से भी बहुत म...
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस(1/10/21)पर विशेष।
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जिंदगी दरिया ए उम्मीद ! ------------------------------ धुंआ खींच बेटा धुंआ!अस्सी साल हो गये मुझे परिवार की गाङी और नौकरी की जिम्मेदारी को निभाते हुए!सीढीयों से ऊपर चढते हुए जयंत बाबू ने अपने पोते मयंक पर तंज कसा।बङे बेफ्रिकी से वह युवा सिगरेट के कश लिए जा रहा था।जयंत बाबू के चश्मे पर पङे बारिश की बूंदे उनके व्यक्तित्व की चमक दिखा रहें थे। अपने कुरते से पानी के छीटें साफ करते हुए आसमान की ओर देखा।मयंक के सिगरेट के छल्ले गोल-गोल बादलों से उमङते-घुमङते दिख रहें थे। अपनी तीसरी पीढ़ी में इस तरह के व्यवहार देख उनके मन में कसक पैदा हो रही थी। आजकल के युवा अपने बुजुर्गों का ख्याल क्यों नही रखतें।ये सवाल उनके मन में कौंध रहा था। बार-बार वह अपने जीवन में झांकने की कोशिश कर रहे थे। कोई बीस साल पहले पटना सचिवालय से उनकी सेवानिवृत्ति हुयी।अपने काम और जज्बे से वह बिहार विधान सभा कार्यालय में नं एक की पोजिशन में रहें।विपक्ष हो या सत्तारूढ़ पार्टियां सबके लिए ईमानदार रहें ।जिस आयोग से वह चयनित हुए थे। उनको वहाँ भी उच्च कुर्सी मिली थी। अपने समय में वह सचिवालय की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए सुर्ख़ियो...
पत्तलचटवा
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पत्तलचटवा। ------------------- महेश्वर बाबू की साइकिल आज पंचर हो गयी थी। इसलिए आज वह सबलपुर पैदल ही कटाव का निरीक्षण करने आ गये थे। सामने से आ रहे एक नाबालिग ट्रैक्टर चालक ने उनकी धोती उङा दी।कीचङ से सने अपने कमीज की ओर देखा।54 वर्ष की उम्र में गाली देना अशोभनीय होता है। इसलिए पुरे ताकत से दांत पीसते हुए आगे निकल गये।वह मन ही मन सोच रहे थे की सोनपुर को अनुमंडल बने दो दशक से अधिक हो गये।हालात में क्या सुधार हुआ इसका जायजा लेने के लिए ही वह सोनपुर आमद से दक्षिण के गाँव भ्रमण को निकले थे। बङे-बङे पोस्टर में भावी मुखिया, सरपंच और पंचायत समिति के उम्मीदवार हाथ जोङे खङे है। बिना हेल्मेट के कुछ झंडा लिए नि-मुछिया लङके तेजी से जिंदाबाद के नारे लगाते हुए निकले जा रहें हैं। "प्रणाम ऐ महेश चा वोट देवे अलहू..ह !चापहू के भी व्यवस्था हव!प्रत्याशी के बैनर से मुंह ढके एक लङके ने आग्रह किया था। महेश्वर बाबू जैसे ही आवाज की दिशा में देखने की कोशिश कर पाये तबतक गाँव के ही बुझावन नाम के एक लङके का गुटका पचाक से उनके दाहिने कंधे पर पङ चुका था। महेश्वर बाबू स्वभाव से शांत प्रवृति के रहे हैं। अब धीरे-धी...